तलाश: कैराना में बहादुर शाह ज़फ़र के पौत्र के वंशज
ऐतिहासिक रूप से दर्ज है कि मिर्ज़ा अहमद अख़्तर “गोरगानी” (1840–1910), अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह ज़फ़र के पौत्र, 19वीं सदी के उत्तरार्ध में कैराना में आकर बसे थे। वे एक प्रसिद्ध यूनानी हकीम और सवानह-ए-दिल्ली के लेखक थे।
👉 मैं यह जानना चाहता/चाहती हूँ कि क्या आज भी मिर्ज़ा गोरगानी के कोई वंशज कैराना में रहते हैं।
यदि आप इस परिवार से हैं, या इनके वंशजों/पुरानी हवेलियों/स्थानीय किस्सों के बारे में जानकारी रखते हैं तो कृपया साझा करें। आपकी जानक
तलाश: कैराना में बहादुर शाह ज़फ़र के पौत्र के वंशज
ऐतिहासिक रूप से दर्ज है कि मिर्ज़ा अहमद अख़्तर “गोरगानी” (1840–1910), अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह ज़फ़र के पौत्र, 19वीं सदी के उत्तरार्ध में कैराना में आकर बसे थे। वे एक प्रसिद्ध यूनानी हकीम और सवानह-ए-दिल्ली के लेखक थे।
👉 मैं यह जानना चाहता/चाहती हूँ कि क्या आज भी मिर्ज़ा गोरगानी के कोई वंशज कैराना में रहते हैं।
यदि आप इस परिवार से हैं, या इनके वंशजों/पुरानी हवेलियों/स्थानीय किस्सों के बारे में जानकारी रखते हैं तो कृपया साझा करें। आपकी जानकारी इस भूली-बिसरी ऐतिहासिक कड़ी को जोड़ने में बहुत सहायक होगी।
कृपया यहाँ उत्तर दें या निजी संदेश भेजें।
Seeking Information: Descendants of Bahadur Shah Zafar’s Grandson in Kairana
It is historically recorded that Mirza Ahmad Akhtar “Gorgani” (1840–1910), grandson of the last Mughal Emperor Bahadur Shah Zafar, lived in Kairana in the late 19th century. He was a renowned Unani physician and author of Sawaneh-e-Dehli.
👉 I am trying to confirm whether any descendants of Mirza Ahmad Akhtar Gorgani still reside in Kairana today.
If you or someone you know belongs to this family, or if you are aware of oral histories, ancestral homes, or records related to Mirza Gorgani’s lineage in Kairana, kindly share. Your information will greatly help in documenting this forgotten chapter of heritage.
Please reply here or DM me.
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