प्रथम तीर्थंकर श्री १००८ आदिनाथ भगवान के जन्म कल्याणक महा मह

Mar 12, 2026 - 06:01
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प्रथम तीर्थंकर श्री १००८ आदिनाथ भगवान के जन्म कल्याणक महा महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ। भगवान आदिनाथ, जिन्हें ऋषभदेव या ऋषभनाथ भी कहा जाता है, जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर माने जाते हैं। उनका जन्म अयोध्या में राजा नाभि और रानी मरुदेवी के यहाँ चैत्र कृष्ण नवमी के दिन हुआ था। जैन परंपरा में इस पावन दिवस को “आदिनाथ जन्म कल्याणक” के रूप में अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। भगवान आदिनाथ को वर्तमान कालचक्र की मानव सभ्यता का प्रथम मार्गदर्शक भी माना जाता है। उन्होंने मानव समाज को कृषि, कला, लिपि, और व्यवस्थित जीवन जीने की शिक्षा दी। इसलिए उन्हें केवल एक आध्यात्मिक गुरु ही नहीं, बल्कि सभ्यता के प्रथम शिक्षक के रूप में भी सम्मानित किया जाता है। जैन परंपरा के अनुसार भगवान आदिनाथ ही सूर्यवंश अथवा इक्ष्वाकु वंश के प्रथम राजा माने जाते हैं। इसी वंश में आगे चलकर भगवान राम और अनेक महान व्यक्तित्वों का जन्म हुआ। आज भी भारत के जैन मंदिरों में आदिनाथ जन्म कल्याणक के अवसर पर विशेष अभिषेक, पूजा और पालकी यात्राएँ निकाली जाती हैं, और श्रद्धालु इस दिव्य पर्व को अत्यंत उत्साह और भक्ति के साथ मनाते हैं।